कुछ अनकही सी ............!

अपने बारे में क्या बतलाऊं तुझे .....कोरा कागज हूँ.. कोरा पानी हूँ....! हौसले आसमान छूते हैं... थोड़ी पागल हूँ....थोड़ी ज्ञानी हूँ...!!!

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मौन

Posted On: 5 Sep, 2015 Others में

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तुम्हारे
मौन
की सीमा
मेरे मौन
होने तक
तुम्हारा
दर्द
मेरे दर्द
में समा
जाने तक
न तुम समझे
न मैं
सफ़र अनवरत !!!!

$hweta

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