कुछ अनकही सी ............!

अपने बारे में क्या बतलाऊं तुझे .....कोरा कागज हूँ.. कोरा पानी हूँ....! हौसले आसमान छूते हैं... थोड़ी पागल हूँ....थोड़ी ज्ञानी हूँ...!!!

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एक बुत.....!

Posted On: 24 Mar, 2014 Others में

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एक बुत…..!


सागर सी लहरें उठती गिरती रही

यादों की दीवारों से टकरातीं और लौटती रहीं

सिमटती रहीं मुस्कुराहटें विरानियाँ गुलज़ार होती रहीं




आहटों के पाजेब से घुंघरू टूटे खामोशियाँ गुनगुनाती रहीं

सावन आँखों का रुकने लगा है धूप तन्हाई की जलाती रही

दर्मिया के फासले घटने बढ़ने लगे बूंदों में अक्स झिलमिलाती रही


उठ गया ख़ुदा से भरोसा फिर भी मुहब्बत दुवायें मांगती रही

बेरुखी और अल्फाजों में उलझ जिन्दगी वफ़ा के मायने समझाती रही

एक बुत मुरझाती नयी कोपलों को उम्मीद के जल से जड़ों को सींचती रही


~श्वेत~

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9 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Nirmala Singh Gaur के द्वारा
March 29, 2014

सिमटतीं रहीं मुस्कुराह्ते और विरानियाँ गुलजार होतीं रहीं ,अनूठा शब्द शिल्प ,ह्रदय स्पर्शी अभिव्यक्ति श्वेत जी हार्दिक बधाई .

    श्वेत के द्वारा
    April 2, 2014

    अविभूत हूँ ..आप सबके स्नेह से..सादर आभार !

sadguruji के द्वारा
March 29, 2014

उठ गया ख़ुदा से भरोसा फिर भी मुहब्बत दुवायें मांगती रही बेरुखी और अल्फाजों में उलझ जिन्दगी वफ़ा के मायने समझाती रही एक बुत मुरझाती नयी कोपलों को उम्मीद के जल से जड़ों को सींचती रही.अच्छी रचना,बधाई.आपकी रचनाओं में दर्द और गहराई है.लिखते रहिये.शुभकामनाएं.

    श्वेत के द्वारा
    April 2, 2014

    रचना की सराहना के लिए तहे-दिल से शुक्रिया …………..सादर आभार आपका

yamunapathak के द्वारा
March 28, 2014

श्वेत जी जब तक सांस तब तक आस बहुत अच्छी भावाभिव्यक्ति है

    श्वेत के द्वारा
    April 2, 2014

    जी बिलकुल ..उम्मीद पर ही दुनिया कायम है ……….सादर आभार आपके उत्साहवर्धन का……….सादर आभार

Madan Mohan saxena के द्वारा
March 27, 2014

बहुत सुन्दर अहसास और बहुत सुन्दर कबिता बधाई आपको आभार मदन कभी इधर भी पधारें

    श्वेत के द्वारा
    April 2, 2014

    सादर आभार आपका …..आपकी रचना पर कई बार प्रतिक्रिया व्यक्त करनी चाही ..परन्तु मेरी टिप्पड़ी विज़िबल ही नही होती ……..

ANAND PRAVIN के द्वारा
March 24, 2014

http://anandpravin.jagranjunction.com/2014/03/24/%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A4-%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0-%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%9A-%E0%A4%AC%E0%A5%8D%E0%A4%B2%E0%A5%89%E0%A4%97%E0%A4%B0-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%9A-2/ आपभी शामिल हों इस महामेला में………..सादर आपत्ति होने पर कृपया कमेन्ट डिलीट कर दें……


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