कुछ अनकही सी ............!

अपने बारे में क्या बतलाऊं तुझे .....कोरा कागज हूँ.. कोरा पानी हूँ....! हौसले आसमान छूते हैं... थोड़ी पागल हूँ....थोड़ी ज्ञानी हूँ...!!!

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♥ तेरी ही खुशबु से ♥

Posted On: 13 Feb, 2014 Others में

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तेरी  याद   तेरी  ही  खुशबु  से  महकता  है  ये  दिल

तेरे  ही  प्यार  के  दम  से   बहकता  है  ये  दिल

ढूढ़ते  थे  तन्हाई  से  दूर  रहने  के  बहाने

जिंदगी  मिल  गई  है  तो   मचलता  है  ये  दिल

रखते  थे  कभी  बहारों की  तमन्ना  अरमानो  में

तुम  जो  आये  जिंदगी  में  तो  ख्यालों   में  भी  गाता  है  ये  दिल

ग़म  मिले  थे  कभी  तो  अब  खुशियाँ  भी  नहीं  है  दूर

दे  दी  जो  तकदीर  ने  दस्तक  तो   चहकता   है  ये  दिल

न  रही  साकी  और  न  किसी  पैमाने  की   जरुरत

तुमको  देख  ख्वाब   में  भी  बहकता   है  ये  दिल

करते  है  मौत  के  वक़्त  सभी  याद -ए -इलाही

हो   होठों  पे  तेरा  ही  नाम  कुछ  ऐसी  ही  तमन्ना  रखता  है  ये  दिल

♥ $hweta ♥



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3 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Shweta Misra के द्वारा
February 18, 2014

रचना की सराहना के लिए हार्दिक आभार आपका

सौरभ मिश्र के द्वारा
February 17, 2014

बहुत सुन्दर कविता मधुर गीत प्रतीत होता है

    Shweta Misra के द्वारा
    March 6, 2014

    रचना कि सराहना के लिए सादर आभार


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