कुछ अनकही सी ............!

अपने बारे में क्या बतलाऊं तुझे .....कोरा कागज हूँ.. कोरा पानी हूँ....! हौसले आसमान छूते हैं... थोड़ी पागल हूँ....थोड़ी ज्ञानी हूँ...!!!

31 Posts

150 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 14350 postid : 702842

तुम थे और मैं थी !!!

Posted On: 13 Feb, 2014 Others,कविता,Contest में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

शब् थी तुम थे और मैं थी
नींद का नामो निशां न था
लम्हों में उलझी बस कुछ बातें थीं


कुछ अलफ़ाज़ थे जो लबों पर आ रुके थे
खामोश निगाहें थी और एक तस्वीर तेरी थी
कुछ बादल थे कुछ पलकों की कतारों पर रुकी बूंदें थी

कुछ गुज़रे लम्हे थे बिस्तर की सिलवट में आ ठहरे थे
कुछ ख्वाब थे लिहाफ़ से उड़ तकिये के नीचे पिघल रहे थे
एक उदासी थी और रात अभी पूरी बाकी थी


चांद भी रूठा था चांदनी की रौनक भी हल्की थी
गुनगुनाती सबा भी हैरान थी अंधेरों की ख़ामोशी थी
एक तसव्वुर में अब भी वही जीस्त हर हाल मुस्कुराती थी


~~~$hweta~~~



Tags:

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (2 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

12 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Nirmala Singh Gaur के द्वारा
February 22, 2014

भावनाओं में भीगी ,सुंदर ,प्यारी कविता .प्रिय श्वेता, बहुत बधाई

    Shweta Misra के द्वारा
    March 5, 2014

    रचना की सराहना हौशलाफजाई और बधाई से मन पुलकित हुआ है ..हार्दिक आभार आपका ………सादर

Alka के द्वारा
February 20, 2014

श्वेता जी , सर्वप्रथम विजेता बनने पर बधाई | सुन्दर शब्दों से सजी सुन्दर रचना बधाई ..

    Shweta Misra के द्वारा
    March 6, 2014

    रचना की सराहना उत्साहवर्धन और बधाई से मन पुलकित हुआ है ..हार्दिक आभार आपका ………सादर

R K KHURANA के द्वारा
February 19, 2014

प्रिय श्वेता जी, एक अच्छी रचना और विजेता बनने पर बधाई ! राम कृष्ण खुराना

    Shweta Misra के द्वारा
    March 6, 2014

    रचना की सराहना और बधाई से मन पुलकित हुआ है ..हार्दिक आभार आपका ………सादर

बहुत ही सुंदर अभिव्यक्ति एवं सुंदर शब्द विन्यास में पिरोई रचना ..हार्दिक बधाई..विजेता बनने एवं इस उत्कृष्ट रचना के लिये..सादर..

    Shweta Misra के द्वारा
    February 15, 2014

    रचना की सराहना उत्साहवर्धन और बधाई के लिए हार्दिक आभार …………सादर

sadguruji के द्वारा
February 15, 2014

इस उत्कृष्ट रचना के लिए और ” जिंदगी का दूसरा नाम हो तुम ” प्रतियोगिता में विजेता बनने के लिए आपको बधाई.

    Shweta Misra के द्वारा
    February 15, 2014

    रचना की सराहना हौशलाफजाई और बधाई के लिए हार्दिक आभार ………सादर

yamunapathak के द्वारा
February 14, 2014

श्वेता जी ऊर्दू शब्द अच्छे पिरोये हैं पूरी भावाभिव्यक्ति सुन्दर है. साभार 2D

    Shweta Misra के द्वारा
    February 15, 2014

    रचना की सराहना हौशलाफजाई और बधाई से मन पुलकित हुआ है ..हार्दिक आभार आपका ………सादर


topic of the week



latest from jagran