कुछ अनकही सी ............!

अपने बारे में क्या बतलाऊं तुझे .....कोरा कागज हूँ.. कोरा पानी हूँ....! हौसले आसमान छूते हैं... थोड़ी पागल हूँ....थोड़ी ज्ञानी हूँ...!!!

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Ham Tum ______ Yadon me !!!

Posted On: 24 May, 2013 Others में

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ज़िन्दगी में कभी कभी ऐसा पड़ाव आता है जब जिन्दगी ठहरी हुयी सी लगती है ……कभी कभी एक ही पड़ाव बार बार आकर आँखों में ठहर जाता है ……वर्ष बीते कई वर्ष तो जरुर हो गए हैं …लेकिन लगता है मानो कल ही की बात है …..तुम्हारा २ वर्ष के लिए विदेश की नियुक्ति पत्र के आने पर ख़ुशी के अगले ही पल मेरा उदास हो जाना फिर खुद को समझा कर तुम्हारी ख़ुशी में खुश हो जाना …..तुम्हे उस शहर में छोड़ कर १० दिन पहले सारे सामान के साथ दुसरे शहर आने के लिए उस रात ट्रेन पकड़ना …..ट्रेन में बैठने के बाद हम दोनों का नम आँखों से एक दुसरे से सब कहते हुए भी चुप रहना …..अचानक ट्रेन का चल देना और तुम्हारा ट्रेन से उतर जाना …….और जनवरी की उस ठंडी रात में मेरा ट्रेन की गेट पर खड़े हो कर तुम्हे आँखों से ओझल होते देखना …….
ये मंज़र आँखों से अभी ओझल हुआ भी नही था कि…….. इस पतझड़ के मौसम में स्टेनली रोड पर तुम्हारे साथ बाइक पर और अपनी कार में तुम्हारे साथ तुम्हारी और मेरी पसंद के गीतों के साथ शहर का भ्रमण करना ….तुम्हारे मित्र के मंगवाए हुए सामनों की खरीददारी  करना ….सब करते करते वो शाम भी जल्दी ही आ गयी दिन के २ बजे की फ्लाईट होने कारण तुम्हे शाम को ही जाना था ….

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4 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Sumit के द्वारा
May 30, 2013

Shweta ji…accha pryas hai….Umeed hai aur acchi rachnaye padhne ko milegi

    Shweta के द्वारा
    May 31, 2013

    Thank you so much for ur appreciation nd encouragement…..Regards

aman kumar के द्वारा
May 27, 2013

जिन्दगी का एक दौर आता है जब हम बक्त को रोक देना चाते है ……….पर एस कहा हो पता है बचती है तो बस यादे !

    Shweta के द्वारा
    May 28, 2013

    यादों के गुलदस्ते के अलावा इंसान के पास खुशबु बिखरने वाला इतर कहाँ रहता है ……सच कहते हैं यादें तो बस यादें हैं ………!सादर !!


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